मौसम

मौसम
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हर मौसम का आनंद
लेता सुविधा सम्पन्न ,
साधनहीन गरीब का
निकल जाता है दम
ग्रीष्मकाल के लुलपट ने
प्राण पखेरू उड़ा लिया,
भारी वर्षा में इनके शिशु
नाले में बहते देखा गया।
जब आई शीत ऋतू तो
निमोनिया ने निगल लिया।
धनी व्यक्ति के घर में
ऐसी मशीन जो लगी है,
उनका मन जब चाहे
छत में वर्षा कर ली है ।
घर के भीतर वह आबोहवा
चंद बटन दबा,साध ली है।
संसार के कुछ बड़े धनवान
लंबे जीवन के करते जतन।
बस उन्हें दुःख सताता है,
अमर होना अब बाकी है।
मौसम प्रूफ मकान के
है हर दरवाजे जो बंद ,
मौत भी बड़ी चालाक है
खिड़की से चली आती है।

–मु.जुबेर हुसैन

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2017
  2. C.M. Sharma babucm 30/06/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 30/06/2017

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