जल है जीवन

‘जल है जीवन’

सूख जाएगा इक दिन पानी,
करते रहे अगर तुम मनमानी।
इसको बचाओ, मान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

जल सबकी प्यास बुझाता है,
फसलों को भी चमकाता है।
इसकी महत्ता का ज्ञान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

जल पर आधारित हैं सभी उद्योग,
साफ-सफाई में है इसका प्रयोग।
कीमत इसका पहचान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

सब जीवों का जीवन है इससे,
सबके घर में आंगन है इससे।
इसको बचाने की ठान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

सूखी धरा पर जब आता है,
अमृत प्रेम सरस बरसाता है।
इसके महिमा का भान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

व्यर्थ करो ना जल को तुम,
पछताओगे कल को तुम।
जरूरत पर ही काम लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

उस दिन क्या हमारी अवस्था होगी,
जिस दिन न पानी की व्यवस्था होगी।
उस दिन का अनुमान लो भाई,
‘जल है जीवन’ जान लो भाई।

रचनाकार-मु.जुबेर हुसैन
9709987920

12 Comments

  1. babucm babucm 29/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  2. Kajalsoni 29/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  4. arun kumar jha arun kumar jha 29/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  5. raquimali raquimali 29/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 03/07/2017

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