मन मरन समय जब आवेगा

मन मरन समय जब आवेगा।
धन सम्पत्ति अरु महल सराएँ, छूटि सबै तब जावेगा ।।
ज्ञान मान विद्या गुन माया, केते चित उरझावेगा ।।
मृगतृष्णा जस तिरषित आगे, तैसे सब भरमावेगा ।।
मातु पिता सुत नारि सहोदर, झूठे माथ ठहावेगा ।।
पिंजर घेरे चैदिस विलपे, सुगवा प्रिय उड़ जावेगा ।।
ऐसो काल समसान समाना, कर गहि कौन बचावेगा ।।
जॉन ‘अधमजन’ जौं विश्वासी, ईसू पार लगावेगा ।।

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