ईश्वर के सवाल – अनु महेश्वरी

(देख दुनिया की हालात, व्याकुल हुए प्रभु खुद और कर बैठे इन्सान से कुछ सवाल, बस मेरी कल्पना भर है| कभी कभी ऐसा सोचने लगती हूँ. आखिर प्रभु को तकलीफ होती होगी, अपने बंदो को आपस में ऐसे लड़ते देख, झूठ अनर्गल बोलते देख, भ्रष्टाचार में लिप्त होते देख| सोचिए आपने कुछ बनाया और वह आपकी इच्छा के विपरीत काम करने लगे, तो आपको कैसा लगेगा? यही दशा कुछ ईश्वर की भी होती होगी। अपनी रचना “ईश्वर के सवाल” का कुछ हिस्सा यहाँ प्रकाशित किया है)

मानव तूने यह क्या हाल किया, मेरी सृष्टि का,
इंसान बना, मैंने तो भेजा, तुम्हे इस जग में था?

दानव रूप तूने यहाँ, क्यों धारण है कर लिया,
प्रकृति को मेरी, विनाश की और ढकेल दिया?

हाथ तेरे, कभी नहीं काँपते, गरीबो का हक़ छीनते,
आँखें तेरी शर्म से नहीं झुकती, अबलाओं को घूरते?

फ़रेब को गले लगा, सत्य से तूने तो तोड़ा नाता,
क्या कमी रह गयी थी, सृष्टि में, तू यह तो बता?

आज हर मानव, बस पैसे के पीछे ही क्यों पड़ा,
दुश्मन तो छोड़ो, तू तो सगे रिश्तों से भी है लड़ा?

तेरी ख़्वाहिश आखिर है क्या, यह तू आज बता दे,
नहीं देख सकता मै, दुनिया को, और बर्बाद होते?

निर्दोषो का खून बहाना,
आज, आम बात होने लगी है,
दहशत की गहरी होती जड़ें देख,
पृथ्वी भी अब रोने लगी है|
बचाना है अगर इस धरा को
हराना होगा आंतकवाद को|
अब तो तू जरा सचेत होना
अपने में ही मत खोए रहना|

अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 24/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/06/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/06/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 24/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/06/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/06/2017
  5. arun kumar jha arun kumar jha 24/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/06/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/06/2017
  7. Kajalsoni 25/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/06/2017

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