हैं दोनो ही इंसान

मै मुसलिम हूँ, तू हिन्दू हैं ………..हैं दोनो इंसान
ला मै तेरी गीता पढ लूँ , तू पढ ले मेरी कुरान

ना मैने अपना अल्लाह देखा
ना देखा तूने भगवान
हम दोनो ही हैं उसके बंदे
एक मालिक की संतान

धर्म नर बांटे, कर्म ने बांटे
समाज में फैले भ्रम् ने बांटे
दो हिस्सो में बंट गया मेरा हिन्दुस्तां
ज़हां मै ज्यादा तू कम, हुआ वो पाकिस्तान

बीच हमारे दीवार खडी हैं
देखा हमे वो हसी पड़ी हैं
ना मुहम्मद बांटे, ना बांटे राम
देखो बंट गया इंसान

न मस्ज़िद टूटी, न मांदिर टूटा
बस टूट रहा विश्वास
मै मुसलिम हूँ, तू हिन्दू हैं
हैं दोनो ही इंसान

5 Comments

  1. raquimali raquimali 21/06/2017
  2. C.M. Sharma babucm 21/06/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/06/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/06/2017

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