शायरी-संग्रह 3

1) हसरत जिंदगी से बस एक ही हो,
क़ि जब जिंदगी हिसाब करे तो एक मुक्कमल नींद नसीब हो ।

2) ख्वाहिशे इतनी हो कि जिन्दगी में सिमट जाये,
ख्वाहिशे इतनी न हो कि जिन्दगी ही सिमट जाये

3) धड़कन का यूँ ही धडकना जीवन है,
धड़कन का औरो के लिए धडकना जिन्दगी

4) शब्द और दवा खुराकों में दिया कीजिये
वर्ना ज्यादा होने पर जहर भी बन जाते है।

5) कर्म बन बैठा है दूल्हा,किस्मत बन बैठी है दुल्हन,
जब तक मिलन न हो एक दूजे से,फिर कैसे फूल खिले है उपवन।

6) मत डर तू इतना दर्द से,जीवन का रण है ये
लड़ना सिख ले तू दर्द से,फिर हर रण में तेरी ही विजय है |

7 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/06/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/06/2017
  3. arun kumar jha arun kumar jha 18/06/2017
  4. babucm babucm 19/06/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 19/06/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/06/2017

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