इन्तजाम- अरूण कुमार झा बिट्टू

आजादी के दशको बीते
फिर भी दिन बेहाल हैं
उफ आज भी मेेरे भारत में
भूखे सोते परिवार हैं

बच्चो की माशूमियत
दर दर भटकती फिरती हैं
लाल बत्ती चौराहे पर ये
हाथ फैलाती दिखती हैं

ये कैसी तरक्की हैं
ये कैसा विकाश हैं
अनाज उगाने वाला ही
दाने दाने को मौताज हैं

शाहूकारो की शूद तले
जूझती जिन्दगी थकती हैं
हार जाती है उम्मीद सभी
उन्हे मौत सस्ती लगती हैं

बाते कर लो स्मार्ट प्लेन की
पर सच्चाई कुछ और हैं
हर साल हजारो जिन्दगी
ठन्ड से पाती मौत है

आज भी जाने कितने जन
दवा बिन तड़प कर मरते हैं
बिन ईलाज बच्चो के
कोख मे ही दम घुटते हैं

इनकी तो सोचो नेता जी
जीवन आधार समान तो हो
बुलेट ट्रेन तो ठीक है पर
दवा,रोटी,लत्ते का
सर्वप्रथम इन्तजाम करो

16 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/06/2017
  2. arun kumar jha arun kumar jha 15/06/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017
  5. C.M. Sharma babucm 16/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/06/2017
  8. arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017
  9. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/06/2017
  10. arun kumar jha Arun Kumar jha 16/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 16/06/2017

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