प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ सिख मिलती है – अनु महेश्वरी

देखो गुलाब के साथ कांटे भी रहते है यहाँ,
जो हमें सतर्क रहना भी सिखाते है और,
हर परिस्थिति में शांत रहना भी सिखाते है,
प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ सिख मिलती है|

देखो कीचड़ में कमल भी खिलते है यहाँ,
जो हमें हर छीज का एक महत्व होता, बताते है,
कोई चीज बेकार नहीं यह बोध मन में जगाते है,
प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ सिख मिलती है|

देखो रहती धुप के साथ छाँव भी है यहाँ,
जो हमें जीवन में सुख-दुःख का भान कराती है,
एक के बिना दूसरे का मोल नहीं समझाती है,
प्रकृति के हर रचना से हमे कुछ सिख मिलती है|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017
  2. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017
  3. C.M. Sharma babucm 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/06/2017

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