स्मृति की इतिहास पटल

स्मृति की इतिहास पटल
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मेरी स्मृति की कागज पर
लिखा हुआ है तुम्हारी प्यार
तुम्हारी झीनी -झीनी साड़ी की आँचल
नीले सागर जैसी दो आँखें
देहभर की यौवन
मुलाकातों पर तुम्हारी मुस्कान।

मुझे धन -दौलत की चाहत नहीं है
यदि मिलती तुम्हारी प्यार
काळा बादलों जैसी केश
नागिन जैसी तुम्हारी चाल
कमल फूल जैसी चेहरा
देखकर मन मोहित होता है।

कपाल में सोने जैसी तिलक
गले सुगंध फूलों की माला
मेरे लिए बेकार है
यदि न मिले जगह तुम्हारी ह्रदय में।

मुझे अच्छा नहीं लगता
फाल्गुन में कोयल की कुक
तुम्हारी पैरों में पायल की रुनझुन
मेरी कानों पड़ती है
लगती है बहुत ही मधुर।

……… चंद्र मोहन किस्कू

10 Comments

  1. arun kumar jha arun kumar jha 07/06/2017
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 10/06/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 07/06/2017
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 10/06/2017
  3. C.M. Sharma babucm 08/06/2017
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 10/06/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/06/2017
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 10/06/2017
  5. Madhu tiwari madhu tiwari 08/06/2017
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 10/06/2017

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