नया दौर – 1

समय की रफ़्तार को
पकड़ने की तैयारी है
बदलते दौर के साथ
बदलने की तैयारी है

दाल रोटी की
पिज़्ज़ा बर्गर से लड़ाई है
आधुनिकता के नाम पर
संस्कारो की खूब धज्जियां उड़ाई है
देखा रहा हुँ सब
मेरी भी कोशिश जारी है
बदलते दौर के साथ
बदलने की तैयारी है

माँ बाप की बातें
अब रास नहीं आती है
दूर हो गए अपने सभी
अब यादें भी पास नहीं आती है
नयी चलन को समझ जाऊ
इसी में समझदारी है
बदलते दौर के साथ
बदलने की तैयारी है

9 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/06/2017
    • sudarshan41 07/06/2017
  2. Madhu tiwari madhu tiwari 07/06/2017
  3. Kajalsoni 07/06/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 07/06/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/06/2017
  6. arun kumar jha arun kumar jha 07/06/2017
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 07/06/2017
  8. C.M. Sharma babucm 08/06/2017

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