ख़ुदा ख़ैर करे

” ख़ुदा ख़ैर करे, कि जिन्दगी संवर जाय

दूसरे का हो भला, भले  ख़ुद  मर जाय

ऐतबार ख़ुद पर करना, ज्यादा अच्छा है

ऐसा न हो कि, दिल ही कोई कुतर जाय  ”

 

बदलते बदलते पूरी तस्वीर ही बदल गयी

ऐसा क्या किया कि तहरीर ही बदल गयी!!

4 Comments

  1. babucm babucm 06/06/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 06/06/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/06/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 07/06/2017

Leave a Reply