हम हैं कि हमें शर्म भी नहीं आती है?… Raquim Ali

(Baby girl thrown from auto by mother’s ‘rapists’ in Gurugram, dies– TOI News 06.06.2017)

इंसानियत तड़प रही है, अब तो सिसकियां भर रही है
एक ‘भारत’ की बेटी पर क्या- क्या न बीती, अफ़सोस
जो बेचारी अपने बच्चे को लेकर टेम्पो में चल पड़ी है?

कानून-व्यस्था तो है ही लुंज-पुंज, अपंग-असहाय
यह दर- दर उसे भटकाएगी, गरीब को दौड़ाएगी
उम्मीद कैसे करें, भ्रष्ट-व्यस्था क्या न्याय दिलवाएगी?

हम हैं, आँखों पर पट्टी डाले, अपनी मस्ती में ग़ुम-
अक्सर ऐसी वारदातें, हम रोज़ देखते हैं, सुनते हैं
कह देते हैं होने दो जो होता है, हमसे क्या पड़ी है?

हम हैं कि हमें किसी के इज्ज़त से क्या मतलब
हम सरोकार, नहीं रखते, किसी की लुटे या बचे
कितने बेशर्म हैं हम,
हम हैं कि हमें शर्म भी नहीं आती है?

…र.अ. bsnl

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/06/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 06/06/2017
  3. raquimali raquimali 06/06/2017
  4. Kajalsoni 06/06/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 06/06/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/06/2017
  7. Madhu tiwari madhu tiwari 06/06/2017
  8. babucm babucm 06/06/2017
  9. raquimali raquimali 07/06/2017

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