नारी दशा- अरूण कुमार झा बिट्टू

क्या कहू की धीरज बंधक हैं
सपनो का वो आकाश नही
हर एक फिजा हारी गैरत
क्यो बेटी एैसी बेहाल हुई

कुछ कोख मे मारी जाती हैं
कुछ मरन जन्म पे पाती हैं
कुछ शिक्छा से अन्भिग्न कर
जीवन भर सताई जाती हैं

कुछ दहेज की हैं उत्पीड़ण
कुुछ ससुराल जला दी जाती हैं
कुछ नामर्दो के ऐसिड से
चेहरे गवाई पाती हैं

ये तीन तलाक हैं एक कहर
लहू सम आसू रूलाती हैंं
जब तब चला इन बानो को
इसे अबला बना दी जाती हैं

मर्दो की नपुंसकता
बलात्कार बन कर उभरी
नारी देवी का नाम जहा
उसकी कैसी तस्वीर नई

मै धूंधता हू उस भारत को
जहा तख्त पल्टे जाते थे
स्त्री के सम्मान की खातिर
महाभारत रच जाते थे

क्यो राम के इस पावन धरा पर
राम रीत हमे याद नही
शर्म करो अरे मर्दो
नरी परित्रात करे मर्द त्रास नही
हॉं कर्म करो एैसे जग मे
मर्द गर्व बने अभिषाप नही
हा गर्व बने अभिषाप नहीं …….

16 Comments

  1. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 04/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  3. C.M. Sharma babucm 05/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 05/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  6. Kajalsoni 05/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 05/06/2017
  7. Madhu tiwari madhu tiwari 07/06/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 07/06/2017
  8. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 17/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 18/07/2017

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