लग गया है…………. रोग सजना |गीत| “मनोज कुमार”

लग गया है प्यार का ये रोग सजना
जाता नही कैसा है ये रोग सजना
लाइलाज बीमारी है तड़पूँ सजना
लग गया है तुमसे ये दिल सजना
लग गया है………………………… रोग सजना

खिलता था जो चेहरा अब मुरझाये
आँसू भी बहाता ये वफ़ा निभाये
लड़ रहा दुनिया से प्यार अपना
राह है कठिन लेकिन आना सजना
लग गया है………………………… रोग सजना

सागर से भी गहरा अपना ऐसा रिश्ता
लिख दें हम किताब प्रेम अमर अपना
तुमसे है गुजारिश प्यार दे दो अपना
है ये तो हकीकत प्यार तुमसे सजना
लग गया है………………………… रोग सजना

नजरें भी चुराये सनम जख्में देता है
लेकिन दिल जानम फना तुझपे रहता है
ना करना मायूस दिल इजहार ये करता
करलो तुम भी फैसला आ जाना सजना
लग गया है………………………… रोग सजना

हो जाओ तुम खफा चाहे हमसे उम्र भर
दे जाओ तुम दर्द चाहे दिल को तोड़कर
बस तुम एक झलक दिखा दो सजना
अब रहो खामोश ना कुछ बोलो सजना
लग गया है………………………… रोग सजना

“मनोज कुमार”

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/06/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 04/06/2017
  3. Kajalsoni 04/06/2017
  4. C.M. Sharma babucm 05/06/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/06/2017

Leave a Reply