सिक्किम की सैर

गौर से देखी मैंने सिक्किम की ख़ूबसूरती
हर पर्यटक का मन मोह लेने वाली मनमोहक आकृति
चाहे हो छोटी नदी धाराओं का उनकी जीवन धारा तीस्ता से मिलन
या हो ऊँचे बर्फीले पहाड़ों का आसमान को नमन
फूल पौधों से सजे रास्ते करती पर्यटकों का ध्यान मगन
खुश होते हम देखकर बादलों का ऊंची चोटियों को समर्पण

रख रखा हो जैसे तीस्ता ने पूरी सिक्किम को अपनी बाहों में
देख ऐसा ही प्रतीत होता सिक्किम और नदी तीस्ता के मिलान के नज़ारे में

प्रकृति का प्रचंड रूप भी देखा पहाड़ों के अवशेष में
भगवान् नटराज के तांडव सी लीला नजर आयी एक एक पेड़ में
ठूंठ बना पेड़ों का जंगल दे रही थी गवाही
प्रकृति के सामने इंसान कुछ भी नहीं यही है सच्चाई

सिक्किम आकर मैंने चार धाम की यात्रा भी कर डाली
शिव के चार धाम और बारह ज्योतिर्लिंगों से सजा एक स्थल इनकी बात है निराली

कुल मिलाकर सिक्किम की खूबसूरती का अब मुझे एहसास है
इस जगह का प्रकृति से रिस्ता बहुत ही ख़ास है
यहां के निवासियों का अपने नदी पेड़ पहाड़ों के लिए जज्बात है
अगर धरती पे स्वर्ग है तो उसका सिक्किम में ही वास है

16 Comments

  1. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
  2. arun kumar jha arun kumar jha 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
  5. C.M. Sharma babucm 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 11/06/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 14/06/2017
  7. डी. के. निवातिया dknivatiya 11/06/2017
    • shrija kumari shrija kumari 14/06/2017

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