अफवाओं को फैलने से रोको – अनु महेश्वरी

बिन सोचे, बिन समझे,
कुछ तो, बिन पढ़े ही,
आयी व्हाट्सअप मैसेज को,
बस आगे, बढ़ा देते जो,
अनजाने में ही, बहुत बड़ा,
नुक्सान देश का, करते वो|
हाथ जोड़ अनुरोध सबसे,
पार्टी के भक्त, किसी भी,
न बनें आप, भले ही,
पुकार सुने देश की,
आप सब, जनहित में,
राष्ट्रभक्त जरूर बने|
न बिगड़े, और देश का माहोल,
इस बात का, रखें खास ख्याल|
न हम सदा है,
न तुम सदा हो,
पर यह देश रहेगा हमेशा|
सोचे जरा, बच्चो को अपने,
कैसा भारत, सौपना चाहते?
तरक्की करता, सर्वधर्म जहाँ हो समान,
या अपनो के ही लहू से होता लहूलुहान?
आओ सब मिल साथ अब,
अफवाओं को फैलने से रोको,
अपनों के ही, हित के लिए,
बचालो इस प्यारे चमन को|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  2. shivdutt 01/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  5. Kajalsoni 01/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 02/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/06/2017
  7. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 03/06/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/06/2017

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