शायरी-संग्रह 2

१) रंग बतलाए कोई अलग,खून के किसी कतरे का
फर्क पता चले हम सबको, कौन है फिर किस कौम का ।

2) उड़ान भरता है हर पंछी ,जब मौसम का मिजाज ठीक होता है
हम तो बाज़ है गगन के,उड़ान तब भी भरते है जब बिगड़ा मौसम का मिजाज़ होता है|

3) हर किसी के हिस्से में उसने कुछ न कुछ तो रखा होगा,
महफ़िल न सही मेरे हिस्से में तन्हाई तो रखा होगा,
याद प्यार से करनेवाले न सही मेरे हिस्से में,
नफरत से याद करनेवालों को तो रखा होगा|

४) न है मुझे मलाल कि मेरे हिस्से में दर्द आया है,
खुश हूँ ये जानकर कि अपनों के हिस्से में प्यार आया है|

५) तमन्ना है उड़ने की जिनको ऊँचे आसमानों में
कुछ पल के लिए रिश्ता टूट जाता है उनका अपने आशियानो से |

16 Comments

  1. Madhu tiwari madhu tiwari 01/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  5. Kajalsoni 01/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  6. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 02/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 03/06/2017
  7. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 03/06/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 05/06/2017

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