यह पाक महीना रमज़ान का…Raquim Ali

यह पाक महीना रमज़ान का

आ गया है यह एक महीना, जग भर के इंसान का
सबकी भलाई, सफाई व मोहब्बत के फ़रमान का
अभी चल रहा है, जो यह पाक महीना रमज़ान का।

ग़रीब हो, मालदार हो तो क्या हुआ, सब हैं एक समान
खुद भूखे रह कर सभी भूखों का रखना है अब ध्यान
‘सभी पापों का जड़ से जल जाना’ मतलब है रमज़ान।

कोई किसी पर हरगिज़, अब जुल्म नहीं कर सकता है
कोई किसी के माल को अब कत्तई लूट नहीं सकता है
इस माह में कोई, किसी का हक़ नहीं मार सकता है।

इस माह में, दुनियां भर में इंसानियत निखरती रहती है
नफ़्स पर पाबंदी, झूठ पर पाबंदी इसमें बनी रहती है
इसमें फ़रेब पर पाबंदी, गुस्से पर खूब पाबंदी रहती है।

इसमें, नज़र पर पाबंदी, चुग़ली पर पाबंदी रहती है
हत्ता कि हर बुरे काम व ख्याल पर पाबंदी रहती है
इस अभ्यास के महीने में, जिंदगी संवरती रहती है।

बंदा, इस माह में
अपने रब को राजी करने का पूरा यत्न करता रहता है
रो-रो कर गिड़गिड़ा कर अपने पापों पर तौबा करता है
भवसागर को पार कर ले, ऐसा प्रयत्न करता रहता है।

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बावजूद इसके
कुछ लोग हैं जो इस महीने का एहतराम नहीं करते हैं
कुछ लोग हैं गोलियां बरसाते हैं, बम-विस्फोट करते हैं
इंसानियत को शर्मसार करते हैं, इसका खून करते हैं;

उनके दिलों पर मुहरें लगी रहती हैं, वे नहीं सुधरते हैं
गुनाह करते-करते उनके दिल स्याह हो चुके रहते हैं
सच, वे सिरफिरे होते हैं, मानवता के दुश्मन होते हैं।

( पाक=पवित्र, नफ़्स=मन, हत्ता कि= यहां तक
तौबा= सच्चे दिल से प्रायश्चित, स्याह= काले)
…र.अ. bsnl

15 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/06/2017
  2. Madhu tiwari madhu tiwari 01/06/2017
  3. raquimali raquimali 01/06/2017
  4. md. juber husain md. juber husain 01/06/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/06/2017
  7. shivdutt 01/06/2017
  8. Raquim Ali 01/06/2017
  9. raquimali raquimali 01/06/2017
  10. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 01/06/2017
  11. Kajalsoni 01/06/2017
  12. raquimali raquimali 01/06/2017
  13. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 02/06/2017
  14. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 03/06/2017
  15. Raquim Ali 03/06/2017

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