आज़ादी – अनु महेश्वरी

आज़ादी, आज़ादी, आज़ादी,
सबको चाहिए बस आज़ादी,
एक दूसरे को रोंदते हुए,
बस आगे बढ़ने की आज़ादी,
अपनी सोच को बिना लग़ाम लगाए,
बस दौराने की आज़ादी,
न कानून का, न ही संस्कारो की समझ,
बस दिल मांगे है, आज़ादी,
विरोध करने की, आज़ादी,
दिखानी पड़े चाहे, बेदर्दी,
पर चाहिए हमे आज़ादी,
इतने निष्ठुर, हम कैसे होते जा रहे?
न आसपास की,
न किसी बात की,
न ही फ़िक्र है हमे,
किसी के भी भावनाओ की,
कुछ लोगो का मकसद मानो,
बस हंगामा करना हो,
रही सही कसर,
मिडिया पूरा कर देती,
आज़ादी जो है, अभिव्यक्ति की,
क्या दिखा रहें?
क्यों दिखा रहें?
किसका भला होगा इससे?
इन्हे कहाँ है, मतलब इससे?
देश का माहौल, अगर बिगरे भी,
इन्हे खबरें और मिल ही जाएगी|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

16 Comments

  1. Madhu tiwari madhu tiwari 30/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 30/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
  4. Kajalsoni 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 31/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 31/05/2017

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