Chhuttiya Safal Banani hai

छुट्टियाँ सफल बनानी हैं

आओ तुम सब सुनो
सुनानी ये कहानी है
इस बार की छुट्टियाँ
हमको सफल बनानी हैं

घर पे जाना ही है
वहाँ न बिजली का कोई ठिकाना है
साल भर से कर रहे इंतज़ार
दादा और नाना है

काम गाँव मे करना है
हर खाली बोतल को भरना है
फ्रीज़ मे रखना है
विद्यालय के काम का तो
आखिर कोई हल ना है

रात-रात भर जागेंगे
दिन-भर शहर मे भागेंगे
हमें तो गदर मचानी है
छुट्टियाँ सफल बनानी हैं

अब तुम्हे कैसे बताए
पाठ्यक्रम भी तो धरना है
मौज मस्ती तो बहना है
असल मे कुछ करके दिखाना है ।

द्वारा – मोहित सिंह चाहर ‘हित’

9 Comments

  1. babucm babucm 28/05/2017
    • hitishere Mohit 31/05/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/05/2017
    • hitishere Mohit 31/05/2017
  3. Kajalsoni 29/05/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/05/2017

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