आजादी

आजादी

जब हम थे सोए
तब कोई ख़्वाब था आया
किसी अपने ने ही
खून था बहाया,,,,,,

लेकर निशानी हम भूल गए
उनकी कुर्बानी
किसी अपनो ने ही
आज़ाद हिन्द का मसाल था जलाया,,,,,

यहाँ कभी था शोर शराबा
खुब चली थी गोली
हमें तो दे दी आजादी
ख़ुद तो खेला खून की होली,,,,,,

गुजरती हवाओं ने भी कहा
यही हैं सुरवीरों की नगरी
उन्होंने भी ऐसा फरमान किया
जाते-जाते तिरंगे को सलाम किया,,,,,,

सोई थी ये नगरी
किसी एक ने जगाया था
फिर आजादी का ये दीप
सबों ने मिलकर जलाया था,,,,,,

~~~~मु.जुबेर हुसैन
9709987920

15 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/05/2017
  3. md. juber husain md. juber husain 27/05/2017
  4. md. juber husain md. juber husain 27/05/2017
  5. Kajalsoni 27/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 29/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 29/05/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 27/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 29/05/2017
  7. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 29/05/2017
  8. babucm babucm 28/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 29/05/2017
  9. md. juber husain md. juber husain 29/05/2017

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