तारीफ़

तेरी निगाहों की करू क्या तारीफ़ मै
लहराती जुल्फों की अदा भारी है
चले तो तेरी पैंजन छनछनती प्यारी
पहनी जो गुलाबी साड़ी न्यारी है
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शशिकांत शांडिले, नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/05/2017
  3. Kajalsoni 26/05/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/05/2017
  5. babucm babucm 26/05/2017
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  7. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017

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