८२. अब और …….कर रहा हूँ “मनोज कुमार”

अब और जादा तुमसे, प्यार कर रहा हूँ |
जब से तू चली गयी, याद कर रहा हूँ ||

जी पा रहा हूँ ना मैं , अब मर रहा हूँ |
तेरे ही वास्ते, जिन्दगी से लड़ रहा हूँ ||

अतृप्त आत्मा है, तेरी बाँहें हार की |
आजा कहीं से आजा, बाट कर रहा हूँ ||

रहने लगी है जब से, दूर तू जाके |
तेरी ही आरजू में, मैं जल रहा हूँ ||

तडपेगी तू भी एक दिन, दिल कह रहा है |
तेरे सितम के ही अब, गीत गा रहा हूँ ||

लाख कोशिशें भी कर ले, ढूंड नही पायेगी |
दूर तुमसे दूर इतना, दूर जा रहा हूँ ||

“मनोज” तुमसे मिलने की, तमन्ना हमारी है |
बंदिशे ही ऐसी हैं कुछ, भूल जा रहा हूँ ||

“मनोज कुमार”

12 Comments

  1. babucm babucm 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  3. Kajalsoni 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 26/05/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017

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