ख्वाब

कुछ ख्वाब जिन्दगी में
हमेशा अधूरे रह जाते हैं।

अरे दूसरों को क्या समझाऊ मैं,
अपने ही समझ नहीं पाते हैं।

अरे हमसे भी तो पूछ कर देखो,
हम क्या चाहते हैं।

“सुखबीर” जो अपने विचार प्रगट नहीं करते,
वह जीते ही, मर जाते हैं।

11 Comments

  1. Anjali yadav 24/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/05/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 24/05/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/05/2017
  5. C.M. Sharma babucm 24/05/2017
  6. Kajalsoni 24/05/2017
  7. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 25/05/2017
  8. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/05/2017
  9. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/05/2017
  10. Sukhbir95 25/05/2017

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