तिनका….. काजल सोनी

उस तिनके की कीमत
तुम न समझ सके…..
जो उड़ उड़ कर हर बार
तुम्हे हवे का रुख बताती रही……
सुबह से लेकर शाम तक
आसपास मंडराती रही…….
कोशिश करती रही तुमपे सिमट जाने की…….
कभी गालों को
तो कभी होठों को छू जाने की……..
तुम्हारी आँखों में मुहब्बत की नमी देख
करीब आ कर आँखों में समा गई……..
पर क्या पता था मुहब्बत दर्द दे जाती है……
तुमने अनजाने में उसे ऐसे मसल दिया…
और तुम्हारे प्यार की खातिर उसने अपना
वजूद आज पुरी तरह खो दिया……

” काजल सोनी ”

28 Comments

  1. Sukhbir95 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  3. vijaykr811 vijaykr811 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
    • Kajalsoni 25/05/2017
  7. C.M. Sharma babucm 26/05/2017
    • Kajalsoni 26/05/2017
  8. Madhu tiwari Madhu tiwari 26/05/2017
    • Kajalsoni 26/05/2017
  9. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 26/05/2017
    • Kajalsoni 26/05/2017
  10. Kajalsoni 26/05/2017
  11. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 27/05/2017
    • Kajalsoni 27/05/2017
  12. subhash 28/05/2017
    • Kajalsoni 29/05/2017
  13. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 31/05/2017
  14. Kajalsoni 01/06/2017

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