==* नशीला है सागर *==

नशीला है सागर ये आंखे जो तेरी
डूब जाऊ मैं उनमें जी चाहता है
लबों की वो प्यारी सी मुस्कान तेरी
तेरे साथ हसने को जी चाहता है

नशीला है सागर ……

है कैसा सितम दूर जाने हो तुम क्यों
भर लू बाहों में तुमको जी चाहता है
सजी शाम है देखो मैफिल भरी ये
तेरे साथ गाने को जी चाहता है

नशीला है सागर …….

ये जुल्फे तेरी हो जैसे बहती हवा
तेरे साथ उड़ने को जी चाहता है
नही हो रहा अब सबर मेरे दिल से
बात दिलकी सुनाने जी चाहता है

नशीला है सागर  ………

बहोत है हसीं इस जमाने मे लेकिन
साथ पाने को तेरा ही जी चाहता है
ये दौलत ये शौहरत भले दे न पाऊ
मगर साथ जीने को जी चाहता है

नशीला है सागर ये आंखे जो तेरी
डूब जाने को उनमें जी चाहता है
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✒ शशिकांत शांडिले, नागपूर
भ्रमनध्वनी – ९९७५९९५४५०

18 Comments

  1. कृष्ण सैनी कृष्ण सैनी 23/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/05/2017
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 23/05/2017
  5. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 23/05/2017
  6. babucm babucm 24/05/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/05/2017
  8. Kajalsoni 24/05/2017

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