* अंधियारा *

*अंधियारा*

हमें अंधियारा पसंद है
जहाँ शान्ति का संगम है,

बहुत लोग हैं इसे बुरा मानते
बुराई का प्रतिक हैं इसे जानते ,

सारे प्रकाश का यह केंद्र है
सूर्य निर्माण में यह अहम् है ,

सोना है या खोना है
या अकार का बंधन है तोड़ना
यहीं वो स्थल है ,

इसका न कोई अकार है
न कोई प्रकार है
यह देवो का देव महादेव
श्री राम कृष्ण का अंश है,

बिन इसके प्रकाश व सदगुण
न सत्य कर्म का कोई महत्व है,

हमें अंधियारा पसंद है
जहाँ शान्ति का संगम है ।

9 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 22/05/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 22/05/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/05/2017
  6. babucm babucm 23/05/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/05/2017
  8. Kajalsoni 24/05/2017

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