मानव धर्म को निभा सकें हम – अनु महेश्वरी

हे प्रभु हमें इतना संतोष दे दो,
ताकी पास जो है हमारे, उसमे,
खुश रह सकें हम|

हे प्रभु हम में इतनी दया भर दो,
ताकी सामर्थ्य अनुसार औरो का,
भला कर सकें हम|

हे प्रभु हमें इतनी खुशियाँ दे दो,
ताकी हर रोज एक रोते हुए को,
फिर से हंसा सकें हम|

हे प्रभु हमें इतनी सक्ति दे दो,
ताकी हो रहे अन्याय के विरुद्ध,
आवाज़ उठा सकें हम|

हे प्रभु हम में इतना प्यार भर दो,
ताकी कभी किसीका तिरस्कार कर,
दिल न दुःखा सकें हम|

हे प्रभु हम में ज्ञान का प्रकाश भर दो,
ताकी अहंकार हमें कभी छू न सके,
तेरे आधार को मान सकें हम|

हे प्रभु हमें इतना क़ाबिल बना दो,
ताकी इंसानियत को हमेशा ज़िंदा रख,
मानव धर्म को निभा सकें हम|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/05/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 21/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 21/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/05/2017
  4. babucm babucm 21/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/05/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 22/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2017

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