कमाल है,,,,

कमाल है,,,,,

उगते सूरज को देखकर पता चला कि
बहुत ही खूबसूरत है आपकी नगरी
वो मोहब्बत की नगरी की रोशनी तो बखूबी कमाल है

ना तिशनगी का शिला,ना गम-ए-वक़्त मिला
सुंदर सी बगीचा में इतराती तितली
की भी खुशि की मलाल है

रात होते ही नींद नहीं आती
न सुकून मिलत है जहन को
सुबह होते ही निकल पड़ते है
बटोरने तिनके को
क्योंकि गुजर-बसर का सवाल है

मैंने भी ख़ूब सहलाया जिंदगी को
मगर ये वक़्त का एतबार है
एक जख़्म तो भरी नहीं
दूसरा गले लगाने को तैयार है

हमें ना जिंदगी से गिला है
न वक़्त का मलाल है
पर दिप जलाए बैठे है,अंधेरों में
जो लबों पे आते-आते
गम का सवाल है
उस खुशि का सवाल है

आपकी मुस्कुराहटे तो जाती नहीं
फिर भी आपको खुशि का मलाल है
वाक़ई आपकी जिंदगी बखूबी कमाल है!!!

12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/05/2017
  2. md. juber husain md. juber husain 21/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 21/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 22/05/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 21/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 22/05/2017
  5. C.M. Sharma babucm 21/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 30/06/2017

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