नज़रिया – अनु महेश्वरी

हर घटना में प्रतिक्रिया देना,
कभी कभी ठीक नहीं होता|
कुछ घटनाओं को देख या सुन,
उस पे सोचना भी जरुरी होता|

भाषा की मर्यादा कभी न टूटे,
इस बात का सदेव ध्यान रखे|
किसी का भी तिरस्कार करके,
कोई भी महान नहीं बन सकते|

कुछ भी कहना बहुत आसान है,
और उससे भी आसान होता है|
बस औरो की गलतियां निकालना,
बिना कोई समझ और समाधान के|

कोशिश करे आज की स्थिति पे,
न इतराए ज़्यादा और न दुःखी हो|
कुछ भी यहाँ, चिरस्थायी नहीं है,
ज़िन्दगी हर पल, रंग बदलती है|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

16 Comments

  1. shivam verma shivam verma 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  2. babucm babucm 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/05/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/05/2017

Leave a Reply