चाहत

शांति चाहता था मैं
पर शांति ढूंढ न पाया।

ऐकता चाहता था मैं
पर ऐकता रख न पाया।

समानता चाहता था मैं
पर जात पात को मिटा न पाया।

रोज मंदिर भी जाता था मैं
पर सब में खुदा देख न पाया।

8 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2017
  2. shikha nari 17/05/2017
  3. Sukhbir95 17/05/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 17/05/2017
  5. C.M. Sharma babucm 18/05/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/05/2017

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