कई बार- आनन्द

कई बार सोंचा तुमसे मिलूं मैं
कई बार सोंचा तुम्हे कुछ लिखूं मैं
हिम्मत करी कुछ शब्द चुने
फिर से मन ने ख्वाब बुने
कई बार आँखों ने पत्र लिखे
कई बार सोंचा तुम्हें भेज दूँ मैं
(आनन्द)

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/05/2017
  2. C.M. Sharma babucm 17/05/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/05/2017
  4. shikha nari 17/05/2017
  5. shikha nari 17/05/2017

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