निश्छल प्यार – अनु महेश्वरी

प्यार, इश्क़, मोहब्बत,
कभी समझ न आए,
समय के साथ इसके मायने भी,
बदलते नज़र आए|

बचपन में माँ के बिना,
ज़िन्दगी सोची भी नहीं जाती,
फिर जीवन में दोस्त शामिल होते,
उनसे भी मर मिटने की कसमे खाते|

फिर शादी और बच्चो में,
ज़िन्दगी ऐसे उलझ सी जाती,
कभी कभी दोस्तों के बिच भी,
एक दूरी सी आ जाती|

ज़िन्दगी में उलझने,
तब शुरू होती,
जब एक प्यार से दूसरे प्यार की,
टकराहट होती|

सब फ़र्ज़ और कर्त्तव्य में,
फ़सकर रह जाते,
ज़िन्दगी में, बस रिश्तों में,
उलझ कर रह जाते|

एक सच्चा और निश्छल,
प्यार जो पाया,
वह बस अपनी माँ की,
आँखो में ही पाया|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

18 Comments

  1. raquimali raquimali 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2017
  7. C.M. Sharma babucm 17/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2017

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