क्या चाहती है माँ – अनु महेश्वरी

क्या चाहती है माँ?
बस अपने बच्चो की,
हर वक़्त सलामती|

बस दो पल कोई साथ बैठे,
अपनी बातें बताए उसे,
उसकी भी सुने|

अपनी उलझनों को भी बांटे उससे,
वह हर मसले का हल ढूँढना चाहती,
चाहे बस में हो या न हो|

तुम कितने भी बड़े या समझदार होजाओ,
फिर भी वह चाहेगी बचपन की तरह,
अब भी उससे सलाह लो|

बस दो बोल,
मीठे हो या कड़वे,
बस ख़ामोशी न रहे|

बार बार फ़ोन कर पूछने का,
मकसद भी यही होता,
बस ठीक हो न?

वह जासूसी नहीं कर रही होती,
उसे तुम्हारी हर वक़्त फिक्र रहती,
तुम कैसे हो, जानना चाहती|

तुम कितना भी कहलो,
हम बड़े होगए, अपने हाल पे छोड़दो,
वह नहीं समझेगी, माँ है न|

तुम कितने भी बड़े हो जाओ,
उसके लिए तो बच्चे ही हो,
और शायद हमेशा रहोंगे|

माँ ऐसी ही होती है,
बस हमेशा वह चाहती,
बच्चे पास रहे या खबर देते रहे|

तुम उसके साथ हंसो,
वह भी तुम्हारे साथ हॅसना चाहती,
जीना चाहती तुम्हारे साथ, हर पल को|

कभी कभी थोड़ी सी सराहना भी चाहती,
आखिर है तो इंसान ही,
नहीं चाहिए भगवान का दर्जा उसे|

बस उसके त्याग और परिश्रम के लिए,
थोड़ा सा अपनापन, थोड़ी सी प्रशंसा,
और अकेलेपन में, साथ तुम्हारा चाहती|

तुम कही भी रहो, पास या दूर,
वह तो बस तुम्हे सुखी और खुश देखना चाहती,
बस इतना सा चाहती है माँ|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/05/2017
  2. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 14/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/05/2017
  3. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 14/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/05/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 15/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/05/2017
  5. C.M. Sharma babucm 15/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/05/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/05/2017

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