वो और कोई नहीं

आज इस संसार में
लोग उलझे हैं जाने कैसे मायाजाल में
रिस्तो की कदर नहीं
अपनो को अपनी की फिकर नहीं
चेहरे पें चेहरे का दर्पण
पता नहीं कहाँ कर दिया
अपनी मुस्कान को अर्पण
उन चेहरों में आज भी
एक चेहरा ऐसा भी है
जो हमारे जीने से जीती
हमारे लिए कई राते नहीं सोती
जो हमें लोरी सुनाती
वो और कोई नहीं
हमारी माँ है
जो खुद दुःख का दरिया है
पर अपने बच्चो के लिए
सुखो का जरिया है
वो और कोई नहीं
हमारी माँ है
जो लुटा देती
अपने जीवन के रंग
भरने अपने बच्चो के जीवन में उमंग
वो और कोई नहीं
हमारी माँ है
जो खो देती हैै
अपना अस्तित्व
हमारे भविष्य के
आधार के लिए
वो और कोई नहीं
हमारी माँ है
जिसके प्यार और वात्सल्य में
दीखता कोई छलावा नहीं
होता कोई दिखावा नहीं
वो और कोई नही
हमारी माँ है।—-#अभिषेक राजहंस

5 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/05/2017
  3. C.M. Sharma babucm 15/05/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/05/2017

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