वक्त की आहटे

वक्त के काफिले से मिलना चाहती हु ,
हर कदम पहचानना चाहती हू
कुछ जगी सी ,कुछ रोई सी ,
उन गलियों में आना चाहती हूँ
हर दूरिया ,हर फासले मिटाकर ,
ख्वाबो की बारिश में भीगना चाहती हूँ
मै आजाद हूँ ,मुझे पता नहीं
फिर भी जिंदगी बेहतर बनाना चाहती हूँ ,..
मेरे लब्जो में जुबान नहीं ,
नाज हो खुद पर मुझे ,
ऐसा कोई मेरा लम्हा नहीं .
ऐसे कुछ लम्हो को लाना चाहती हूँ ,
अनजान हूँ अपनी मुस्कराहट से ,
उसमे चुपके से खो जाना चाहती हूँ ..

Anjali yadav

8 Comments

    • angel yadav angel yadav 13/05/2017
  1. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 13/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/05/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 13/05/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/05/2017
  5. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 13/05/2017
  6. babucm babucm 13/05/2017

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