तू मरती रही….

ज़िन्दगी…..
तू और वक़्त
साथ न हुए,
तेरे होते वक़्त कटता रहा,
वक़्त होते, तू मरती रही …
ज़िन्दगी…
वक़्त के साथ तेरी जीने की कोशिशें
जल गयी सब झुलसती रही…
वक्त होते, तू सुलगती रही…
राख में अंगार बन गयी
बस इस वक़्त की मार मन गयी…

 

-दीप

2 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 13/05/2017

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