परदेश


कभी आवश्यकताओं ने मजबूरी दिखाकर भगा दिया,
कभी तमन्नाओं ने गगन छूने को पंख लगा उड़ा दिया,
दिल बहलता है पर माटी की खुशबू भुलाई जाती नहीं,
परदेश ने देश की याद को दिल में फिर से जगा दिया.

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com

16 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/05/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 12/05/2017
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 12/05/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/05/2017
  6. Mukesh Kumar 13/05/2017
  7. Debajit Deb 13/05/2017
  8. babucm babucm 13/05/2017

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