अ मेरी मंज़िल

अ मेरी  मंज़िल
आ राहों पर
एक दिन चल पड़ूँगा
उस रहा पर
ओर एक दिन मज़िल मुझे मिल जाएगी
और
अंत में
अ:स्त हो ………..

 

पीयूष गोयल

2 Comments

  1. Rishi kc 12/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/05/2017

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