बोल का ही है मोल – अनु महेश्वरी

“बोल” का ही है मोल,
संभल के बोले “बोल”|

“बोल” से हो जाते घाव भी,
“बोल” ही बन जाते दवा भी|

“बोल” से ही बढ़ जाता है मान,
“बोल” से ही हो जाता अपमान|

“बोल” से ही कटुता बढ़ जाए,
“बोल” से ही बात भी बन जाए|

“बोल” ही तोड़े है मन,
“बोल” ही जोड़े है मन|

“बोल” ही दूरियां बढ़ाएं,
“बोल” ही रूठे को मनाए|

“बोल” से उलझे है बातें,
“बोल” से ही सुलझे बातें|

“बोल” से ही दुश्मनी हो जाती,
“बोल” से ही दोस्ती हो जाती|

“बोल” हो जाते है अनमोल,
“बोल” अगर हो मीठे बोल|

“बोल” का ही है मोल,
संभल के बोले “बोल”|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  3. babucm babucm 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  6. Kajalsoni 09/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 11/05/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 11/05/2017

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