अच्छा लगता है

कभी-कभी खुद से बातें करना अच्छा लगता है
चलते चलते फिर योहीं ठहरना अच्छा लगता है ||

जानता हूँ अब खिड़की पर तुम दिखोगी नहीं
फिर भी तेरी गली से गुजरना अच्छा लगता है ||

शाख पर रहेगा तो कुछ दिन खिलेगा तू गुल
तेरा टूटकर खुशबू में बिखरना अच्छा लगता है ||

आईने तेरी जद से गुजरे हुए जमाना हुआ
आजकल नज़रों में सँवरना अच्छा लगता है ||

जानता हूँ चाँद का घर है फलक के पास पर
चांदनी का जमीं पर उतरना अच्छा लगता है ||

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/05/2017
    • shivdutt 07/05/2017
  2. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 08/05/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017
  4. babucm babucm 08/05/2017
    • shivdutt 08/05/2017
  5. Kajalsoni 09/05/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/05/2017

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