एक फैसला

एक फैसला आया हुआ विश्वास गेहरा
इन्साफ मिलता है,कानून पर फिर विश्वास ठेहरा
दरिन्दे छूट नही सकते अगर हमने है ठानी
हैं न्याल्लय,वर्दि वाले बड़ी मेहरबानी

मॉ बापु के ऑखो मे आज शकून होगा
तुझको खोने का गम तो निर्भया जरूर होगा
पर ये फैसला उस दर्द का मलहम बनेगी
जब तेरी यादे ऑखो से अक्सर छलका करेगी

पर अफसोस अबभी जुल्म सर उठा रहा है
लुनगा बचा दावे वकील जता रहा हैं
मै सोचता हूं इनके शिने मे क्या दिल नही है ?
पढे लिखे हैं पर इन्शानियत से है इतने खाली ।
ऊफ एैसे लोग जाने कब रूकेंगे !
कब होंगे पस्त हौसले गुनहगारो कें ?

9 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 07/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 08/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 13/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 08/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 08/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 08/05/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 10/05/2017

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