भीड़ मे खो जाने दो

भीड़ है भीड़ मे खो जाने दो
कुछ अपना सा हो जाने दो
तनहा हूँ मैं , तनहा हो जाने दो
एक बस मकसद है , पूरा हो जाने दो
भीड़ मे मुझे खो जाने दो
वो बड़ रहा है उसे बढ़ने दो
उससे मुझे कुछ सीख जाने दो
कल क्या पता मैं भी वहाँ होंगा
मुझे बस उप्पर उठ जाने दो
भीड़ मे मुझे खो जाने दो
राह बहुत कठिन है उसे और कठोर हो जाने दो
मुश्किल मे साथ छोड़ दे अपने उन्हें छोड़ जाने दो
कल सवेरा आयेगा अन्धेरा जायेगा
सुबह को हो जाने दो
बस मुझे भीड़ मे खो जाने दो

10 Comments

  1. babucm babucm 07/05/2017
    • RiteshK.Gupta RiteshK.Gupta 07/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/05/2017
    • RiteshK.Gupta RiteshK.Gupta 07/05/2017
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 08/05/2017
    • RiteshK.Gupta RiteshK.Gupta 08/05/2017
  4. Love gupta 08/05/2017
    • RiteshK.Gupta RiteshK.Gupta 08/05/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/05/2017
    • RiteshK.Gupta RiteshK.Gupta 09/05/2017

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