मुहीब्बत को रहने ही दें

कदम उठाए सब आहे भरे
पल्के उठाए तो जन्नत लगे
मुश्कान से उसकी दिल की कलिया खिले
देना हैं तो प्रभू एैसा महबूब दे
नही तो ये मुहाब्बत को रहने ही दें

2 Comments

  1. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 08/05/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 10/05/2017

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