पीना छोड़ पड़ा

आंसुओं का समंदर यू आंखों में उमड़ पड़ा
अपने तो रूठे हमसफ़र भी रूठ पड़ा
मानता हूं हो गई गलती हमसे
मैं पीने के बाद सब कुछ भूल पड़ा
कर दे माफ मुझे मैं गलत राहों पर चल पड़ा
अब पीना तो दूर बोतल को हाथ लगाना छोड़ पड़ा…
कुंवर शिवम।।

3 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 05/05/2017
  2. babucm babucm 05/05/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017

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