आपकी तस्वीर ( गजल ) – बी पी शर्मा बिन्दु

 

 

आपकी तस्वीर अब भी संभ।ल कर रखे  हैं

अपना दिल आपके लिए निकाल कर रखे  हैं।

 

न किया कबूल रिश्ता -ए- इंतजार में

एक दीया बस मन में जला कर रखे  हैं।

 

अपनी नूर -ए -दिवानगी रवानी तेरे नाम का

मिलन की आस में निगाहें डाल कर रखे  हैं।

 

जिंदगी तेरे नाम का अब भी है सलामत

याद आपकी हमें बुरी हाल कर रखे  हैं।

 

वो वादें वो यादें आज भी हमें याद है

मुहब्बत को मैंने सांचे में ढ़ाल कर रखे  हैं।

 

ख्याल भला दूसरे का अब क्या करना

खुदा कि कसम हमें बेहाल कर रखे  हैं।

 

बी पी शर्मा  बिन्दु

 

7 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 05/05/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
  3. babucm babucm 05/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 06/05/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/05/2017
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 06/05/2017

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