नज़्म-आज सरहद करे बात सरहद से मिल….मनिंदर सिंह “मनी”

आज सरहद करे बात सरहद से मिल |
कुछ गिले कर लिए आज आपस में मिल ||

बहा है खून बेटो का दोनों तरफ |
कौन किसका करे बात सारी ये मिल ||

कुछ इधर घर जले है कभी कुछ उधर |
क्या बचा क्या गया सोचे बैठी ये मिल ||

इश्क की आज लौ गुम हुई है कहाँ |
बम धमाकों में ढूंढे उजाले ये मिल ||

रोज गम की उठे लपटे दिल चीरती |
लग गले रो रही है तबाही से मिल ||

मनिंदर सिंह “मनी”

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 05/05/2017
  4. C.M. Sharma babucm 05/05/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/05/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/05/2017

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