चला-चल

दे हौसला बुलंदी को
ना हो कभी विफ़ल
थाम अपने मन को तुम
चला-चल,चला-चल –2

सफलता चूमेगी कदम
तू लगा के देख दम
सुन तू अपने दिल की
हर हद को तू लाँग दे
चाहें हो ना क्यों वो दल-दल
चला-चल,चला-चल –2

ना देख आसमान को
ना देख तू ज़मी
उज्जवल भविष्य तेरा हैं
वक़्त रहते ढूंढ ले कमी

गुमनामी का धब्बा लगा है
ना देख वक़्त किया हुवा
तू वक़्त से भी आगे निकल
चला-चल,चला-चल –2

हाथों की लकीर किया हैं
ना तुझको हैं तेरी ख़बर
बाद पछताने से गया हैं
वक़्त राहों का ले कोई पहल
चला-चल,चला-चल –2

~~~मु.जुबेर हुसैन

10 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 05/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 05/05/2017
  2. vijaykr811 vijaykr811 05/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 05/05/2017
  3. mani mani 05/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 07/05/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 07/05/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma bindeshwar prasad sharma 05/05/2017
    • md. juber husain md. juber husain 07/05/2017

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