कथनी और करनी – अनु महेश्वरी

नसीयत देना कितना आसान है,
ज्ञान बाटना भी बहुत आसान है,
अमल में लाना खुद के,
बहुत मुश्किल होता है|

किसी को बदलने की कोशिश से अच्छा है,
वैसे ही उसे अपनाना, जो जैसा है,
खुद को फिर उनके अनुसार, अगर बदल ले
तब आगे की राह आसान नज़र आती है|

क्या जो अहिंसा पे बखान देते,
खुद हिंसा नहीं फैलाते?
जो सदभावना पे ज्ञान बाटते,
परोक्ष रूप से वह भी नफरत फैलाते है|

कभी भ्रस्टाचार विरोधी बाते, जो करते थे,
नैतिक पतन तो, उनमे भी पाया गया,
दरअसल बातें करना आसान होता,
खुद में बदलाव लाना मुश्किल होता है|

खुद बदले हम, पहले,
दुनिया बदली बदली नज़र आएगी,
कथनी और करनी, अगर एक हो जाती है,
कुछ समस्याएं तो फिर सुलझ ही जाती है|

 
अनु महेश्वरी
चेन्नई

14 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 04/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/05/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 04/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/05/2017
  4. babucm babucm 05/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/05/2017
  5. mani mani 05/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/05/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/05/2017
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/05/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/05/2017

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