अब तक क्यों ना ठानी है – शिशिर मधुकर

जब भी मेरी भारत माता का कोई लाल बलि चढ़ जाता है
कायरता का रोना धोना अपने अखबारों में छप जाता है
दुर्दांत पड़ोसी से सभ्य व्यवहार की आकांक्षाएँ बेमानी है
आखिर सर्प का फन कुचले ये अब तक क्यों ना ठानी है
जब अपने देश के अंदर ही हम कश्मीर में पत्थर खाते हैं
फिर सीमा पार के दुश्मन पर क्यों बेमतलब चिल्लाते हैं
जब तक हर विद्रोही की टांगें तुम सख्ती से नही तोड़ोगे
भारत माँ के सब घायल अंगो को आपस में कैसे जोड़ोगे

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. angel yadav anjali yadav 02/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/05/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/05/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/05/2017
  4. vijaykr811 vijaykr811 02/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/05/2017
  5. babucm babucm 02/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/05/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 03/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/05/2017
  7. md. juber husain md. juber husain 04/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/05/2017
  8. mani mani 05/05/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/05/2017

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